digital ⏱️ 17 मिनट पढ़ें 📅 24 सितंबर 2026

Bank Strike & Holiday Guide: बैंक हड़ताल और छुट्टियों के दौरान नेट बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और चेक क्लियरिंग कैसे काम करते हैं? जरूरी गाइड

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राजेश कुमार मीना
वरिष्ठ नीति एवं ग्रामीण विकास विश्लेषक

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी परिसंघ (AIBEA, AIBOC) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 5-डे बैंकिंग (शनिवार की छुट्टी), पेंशन अपडेशन और नई भर्तियों की मांगों को लेकर बुलाई जाने वाली राष्ट्रव्यापी बैंक हड़तालों या लगातार छुट्टियों के दौरान आम नागरिक, पेंशनभोगी और व्यापारी असमंजस में पड़ जाते हैं। जानिए बैंक शाखाएं बंद रहने पर भी कौन सी डिजिटल सेवाएं 24x7 बिना रुके काम करती हैं, चेक क्लियरिंग पर क्या असर होता है, और ईएमआई बाउंस से बचने के क्या उपाय हैं।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • बैंक हड़ताल या छुट्टियों के दौरान यूपीआई (UPI), आईएमपीएस (IMPS), नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं 24x7 बिना किसी रुकावट के पूरी तरह चालू रहती हैं।
  • चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) में चेक क्लियरिंग, डिमांड ड्राफ्ट (DD) बनवाना, पासबुक प्रिंटिंग और कैश काउंटर से निकासी पूरी तरह ठप रहती है।
  • एटीएम (ATM) में कैश की उपलब्धता आउटसोर्स कैश लॉजिस्टिक्स वैन (CMS/SIS) पर निर्भर करती है; लगातार 2 दिन की हड़ताल पर एटीएम में कैश की किल्लत संभव।
  • लोन ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल और ऑटो-डेबिट (NACH Mandate) बैंक बंद होने के बावजूद सिस्टम द्वारा अपने आप कटते हैं, अतः खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना जरूरी।
  • नागरिक आपातकालीन नकदी के लिए 'कैश एट पीओएस' (Cash@POS) और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) से मिनी-बैंक कियोस्क पर निकासी कर सकते हैं।
बैंकिंग सेवा का नाम हड़ताल / छुट्टी के दौरान स्थिति सर्विस की उपलब्धता नागरिक के लिए वैकल्पिक समाधान
यूपीआई (Google Pay, PhonePe, Paytm) 100% सामान्य रूप से चालू 24 घंटे, सातों दिन (NPCI स्विच द्वारा संचालित) दुकानों पर भुगतान व दोस्तों को तुरंत पैसे भेजने के लिए उपयोग करें
आईएमपीएस (IMPS) व एनईएफटी (NEFT) 100% चालू (ऑटोमेटेड डिजिटल क्लियरिंग) 24x7x365 उपलब्ध (इंटरनेट बैंकिंग व मोबाइल ऐप से) 5 लाख रुपये तक के तात्कालिक ट्रांसफर हेतु IMPS सबसे उत्तम
आरटीजीएस (RTGS - बड़ी रकम का ट्रांसफर) 100% डिजिटल रूप से चालू 24x7 उपलब्ध (2 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए) व्यापारिक भुगतानों और बड़ी खरीद के लिए नेट बैंकिंग से उपयोग करें
चेक क्लियरिंग (CTS Cheque Clearance) पूरी तरह बंद या विलंबित हड़ताल के दिन चेक प्रोसेसिंग नहीं होती चेक से भुगतान के बजाय सीधे IMPS/NEFT का इस्तेमाल करें
शाखा काउंटर कैश जमा / निकासी पूरी तरह बंद (कर्मचारी हड़ताल पर) शाखा के भौतिक दरवाजे बंद रहते हैं कैश डिपॉजिट मशीन (CDM / Cash Recycler) का उपयोग करें
एटीएम (ATM) कैश विड्रॉल आंशिक रूप से चालू (कैश खत्म होने का जोखिम) थर्ड-पार्टी एजेंसियों द्वारा भरी गई नकदी पर निर्भर हड़ताल से 24 घंटे पहले पर्याप्त नकदी निकाल कर घर में रखें

1. बैंक हड़ताल क्यों होती है? 5-डे बैंकिंग और कर्मचारी यूनियनों की मुख्य मांगें

भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Banks - PSBs) जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), केनरा बैंक, और यूनियन बैंक में समय-समय पर कर्मचारी यूनियनों द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया जाता है। बैंक यूनियनों की शीर्ष संस्था यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU), जिसमें अधिकारियों का संगठन (AIBOC) और कर्मचारियों का संगठन (AIBEA) शामिल हैं, मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को लेकर आंदोलन करते हैं:

  • 5-डे बैंकिंग (5-Day Work Week): एलआईसी (LIC), आरबीआई (RBI) और केंद्र सरकार के कार्यालयों की तर्ज पर सभी शनिवारों को बैंकों में पूर्ण अवकाश घोषित करना और सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट का कार्य समय बढ़ाना। वर्तमान में बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है।
  • पेंशन अपडेशन (Pension Updation): पुराने रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों की बुनियादी पेंशन को 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते (12th Bipartite Settlement) के अनुसार संशोधित करना।
  • नई भर्तियों में तेजी: सार्वजनिक बैंकों में क्लर्क और सब-स्टाफ के खाली पदों को तेजी से भरना ताकि सेवारत कर्मचारियों पर बढ़ते काम के तनाव को कम किया जा सके।
  • सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण का विरोध: सरकारी बैंकों की सामाजिक प्रकृति और ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क को बचाने के लिए निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाना।

2. कौन सी सेवाएं 24x7 खुली रहती हैं? UPI, IMPS, NEFT और मोबाइल बैंकिंग

आधुनिक बैंकिंग अब केवल ईंट-गारे की शाखाओं और पासबुक की मोहताज नहीं है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और एनपीसीआई (NPCI) ने देश के वित्तीय बुनियादी ढांचे को इतना मजबूत बना दिया है कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल होने के बावजूद 90% दैनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाएं बिना 1 सेकंड की रुकावट के काम करती हैं:

1. यूपीआई (Unified Payments Interface)

Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM या बैंक ऐप्स के जरिए होने वाले सभी यूपीआई भुगतान 24 घंटे सातों दिन चालू रहते हैं। इसका कारण यह है कि यूपीआई का सर्वर सीधे एनपीसीआई के क्लाउड स्विच और बैंकों के ऑटोमेटेड एपीआई (API) से जुड़ा होता है। इसके संचालन के लिए शाखा में किसी मानव कर्मचारी की उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती।

2. आईएमपीएस (IMPS) और एनईएफटी (NEFT)

आरबीआई ने एनईएफटी और आईएमपीएस को 24x7x365 प्रणाली बना दिया है। आप बैंक बंद होने पर भी आधी रात को अपने मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से 5 लाख रुपये तक तुरंत किसी भी बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। एनईएफटी के बैच हर आधे घंटे में ऑटोमैटिक कंप्यूटर एल्गोरिदम द्वारा प्रोसेस होते हैं।

3. आरटीजीएस (RTGS)

2 लाख रुपये से अधिक के बड़े व्यापारिक लेन-देन के लिए आरटीजीएस भी ऑनलाइन माध्यम से 24x7 उपलब्ध रहता है।

4. बिल भुगतान और फास्टैग रिचार्ज

भारत बिल पे (BBPS) के माध्यम से बिजली, पानी, गैस का बिल भरना, मोबाइल रिचार्ज करना और फास्टैग (FASTag) का ऑनलाइन बैलेंस बढ़ाना सामान्य दिनों की तरह ही काम करता है।

3. कौन सी सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाती हैं? चेक, काउंटर कैश, डीडी और लॉकर

डिजिटल सेवाएं चालू रहने के बावजूद ऐसी सभी सेवाएं जिनमें बैंक कर्मचारी के भौतिक हस्ताक्षर, कागजी सत्यापन या फिजिकल तिजोरी खोलने की आवश्यकता होती है, वे हड़ताल के दिन पूरी तरह बंद रहती हैं:

  • चेक क्लियरिंग (CTS Clearance): यदि आपने किसी को चेक दिया है या आपको किसी से चेक मिला है और आपने उसे ड्रॉप बॉक्स में डाला है, तो हड़ताल के दिन चेक प्रोसेसिंग नहीं होगी। जब तक यूनियन के कर्मचारी काम पर नहीं लौटते, तब तक चेक क्लियरिंग हाउस (Clearing House) बंद रहता है। इससे चेक क्लियर होने में 2 से 3 दिन की अतिरिक्त देरी हो सकती है।
  • काउंटर से नकद निकासी और जमा: शाखा का मुख्य द्वार बंद रहता है, इसलिए चेक या निकासी पर्ची (Withdrawal Slip) से कैशियर से नकद पैसा निकालना असंभव होता है।
  • डिमांड ड्राफ्ट (DD) और बैंकर चेक: कॉलेज फीस या सरकारी टेंडर के लिए बनने वाले डीडी शाखा में नहीं बन सकेंगे।
  • बैंक लॉकर संचालन: लॉकर रूम के ताले केवल बैंक के कस्टोडियन ऑफिसर के पास होते हैं, जो हड़ताल पर रहते हैं। इसलिए हड़ताल के दिन लॉकर से जेवर या जरूरी दस्तावेज नहीं निकाले जा सकते।
  • लोन पास होना व डिस्बर्समेंट: होम लोन, पर्सनल लोन या गोल्ड लोन की फाइलें और संपत्तियों के रजिस्ट्री दस्तावेजों का सत्यापन आगे नहीं बढ़ पाता।

4. एटीएम (ATM) और कैश रीसाइक्लर का सच: क्या मशीनों में पैसा मिलेगा?

बैंक हड़ताल के दिन आम नागरिकों का पहला कदम नजदीकी एटीएम की ओर होता है। लेकिन एटीएम की स्थिति को लेकर स्थिति समझना आवश्यक है:

अधिकांश बैंकों के ऑन-साइट (शाखा के बाहर) और ऑफ-साइट (बाजारों में) एटीएम का प्रबंधन थर्ड-पार्टी कैश मैनेजमेंट कंपनियों (जैसे CMS, SIS, Brink's) द्वारा किया जाता है। इन एजेंसियों के कर्मचारी बैंक यूनियन का हिस्सा नहीं होते, इसलिए वे सामान्य दिनों में कैश वैन से एटीएम में पैसा डालते हैं।

समस्या कहाँ आती है? यदि बैंक हड़ताल 2 या 3 दिन लगातार चलती है या उसके साथ शनिवार-रविवार की छुट्टी जुड़ जाती है, तो इन प्राइवेट एजेंसियों को बैंक की करेंसी चेस्ट (Currency Chest) से नया कैश नहीं मिल पाता क्योंकि चेस्ट के अधिकारी हड़ताल पर होते हैं। इसके अलावा जब शाखाएं बंद होती हैं, तो लाखों लोग एक साथ एटीएम पर टूट पड़ते हैं। परिणामस्वरूप हड़ताल के पहले दिन दोपहर तक ही शहर के 50% से अधिक एटीएम 'Cash Out' हो जाते हैं।

समाधान: अपने शहर के बड़े बैंकों के कैश रीसाइक्लर (Cash Recycler Machine - CRM) का पता रखें। इन मशीनों में जब कोई व्यापारी या नागरिक कैश जमा करता है, तो वही कैश तुरंत निकासी के लिए भी उपलब्ध हो जाता है, जिससे इन मशीनों में पैसा जल्दी खत्म नहीं होता।

5. लोन की ईएमआई (EMI) और ऑटो-डेबिट का क्या होगा? बाउंस चार्ज से कैसे बचें?

लाखों लोगों के मन में यह भारी गलतफहमी होती है कि "चूँकि आज बैंक की हड़ताल है या छुट्टी है, इसलिए आज मेरे खाते से होम लोन या कार लोन की ईएमआई नहीं कटेगी।"

यह बहुत बड़ा और महंगा भ्रम है! ईएमआई और एसआईपी (SIP) का कटना नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH / e-Mandate) के माध्यम से पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड होता है। रिज़र्व बैंक का NACH सर्वर 365 दिन 24 घंटे ऑटोमैटिक रन करता है।

बाउंस चार्ज और सिबिल (CIBIL) स्कोर का खतरा

यदि आपकी ईएमआई की तारीख 24 तारीख है और उस दिन हड़ताल है, तो सिस्टम आपके खाते से पैसा काटने की पूरी कोशिश करेगा। यदि आपने यह सोचकर खाते में पैसा नहीं डाला कि हड़ताल है, तो आपकी ईएमआई 'बाउंस' (Bounce) हो जाएगी। इसके तीन गंभीर नुकसान होंगे:

  • आपका बैंक आपसे 350 से 500 रुपये का ईएमआई बाउंस चार्ज काटेगा।
  • लोन देने वाला बैंक/NBFC आपसे 500 से 1,000 रुपये की लेट पेमेंट पेनल्टी वसूलेगा।
  • आपकी डिफॉल्ट की रिपोर्ट सीधे CIBIL और Experian को जाएगी, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर 30 से 50 अंक गिर सकता है और भविष्य में लोन मिलने में भारी कठिनाई होगी।

गोल्डन रूल: बैंक हड़ताल या छुट्टी होने पर भी अपनी ईएमआई की तारीख से कम से कम 24 घंटे पहले अपने बचत खाते में पर्याप्त बैलेंस अवश्य सुनिश्चित करें।

6. कैश न मिलने पर वैकल्पिक रास्ते: AePS और 'कैश एट पीओएस' से पैसा निकालें

यदि बैंक की शाखा बंद है और आस-पास के सभी एटीएम खाली हो चुके हैं और आपको किसी मेडिकल इमरजेंसी या पारिवारिक काम के लिए तुरंत कैश की सख्त जरूरत है, तो आप निम्नलिखित दो सरकारी व प्रमाणित विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:

1. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS - मिनी बैंक कियोस्क)

अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राहक सेवा केंद्र (CSP), या डाकघर के ग्रामीण डाक सेवक (Postman) के पास जाएं। उन्हें अपना आधार कार्ड नंबर बताएं और उनके छोटे बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपनी उंगली रखें। आप अपने किसी भी बैंक खाते से प्रतिदिन 10,000 रुपये तक की नकद निकासी तुरंत उनके पास मौजूद कैश से ले सकते हैं। इसके लिए किसी एटीएम कार्ड या बैंक शाखा की जरूरत नहीं होती।

2. कैश एट पीओएस (Cash@POS)

भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार, आप अपने नजदीकी बड़े पेट्रोल पंप या सुपरमार्केट में जा सकते हैं जिनके पास कार्ड स्वाइप करने वाली पीओएस (POS) मशीन होती है। आप अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करके उनसे प्रतिदिन 2,000 रुपये तक की नकदी (Cash) ले सकते हैं। इसके लिए व्यापारी आपसे 5 से 10 रुपये का मामूली सुविधा शुल्क ले सकता है।

7. चालू बनाम बंद बैंकिंग सेवाओं का संपूर्ण तुलनात्मक ग्रिड

नीचे दी गई तालिका को देखकर आप तुरंत समझ सकते हैं कि बैंक हड़ताल के दिन आपको किस सेवा के लिए इंतजार करना होगा और किसका उपयोग आप घर बैठे कर सकते हैं:

बैंकिंग चैनल हड़ताल के दिन स्थिति कार्य करने का प्रतिशत मुख्य शर्तें एवं सावधानियां
इंटरनेट बैंकिंग / मोबाइल बैंकिंग पूर्णतः सक्रिय (Active) 100% पासवर्ड और ओटीपी के जरिए फंड ट्रांसफर, एफडी/आरडी खोलना चालू
यूपीआई (UPI) पेमेंट्स पूर्णतः सक्रिय (Active) 100% दैनिक 1 लाख रुपये की सीमा तक कोई बाधा नहीं
क्रेडिट कार्ड स्वाइप व ऑनलाइन शॉपिंग पूर्णतः सक्रिय (Active) 100% वीजा, मास्टरकार्ड और रुपे नेटवर्क सामान्य रूप से काम करते हैं
शाखा भौतिक लेनदेन (Cash Counter) पूर्णतः बंद (Shut Down) 0% बैंक के शटर बंद रहते हैं, कर्मचारी धरने पर रहते हैं
चेक क्लीयरेंस (CTS) पूर्णतः बंद (Shut Down) 0% हड़ताल खत्म होने के अगले कार्य दिवस पर ही क्लियरिंग शुरू होगी
एटीएम नेटवर्क (ATM Cash) आंशिक सक्रिय (50% चालू) 50% जल्दी कैश खत्म होने की संभावना, केवल चालू मशीनों में कैश मिलेगा

8. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ग्राहक संरक्षण नियम और समय-सीमा

बैंक हड़ताल के दौरान ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए रिज़र्व बैंक ने सख्त दिशानिर्देश तय किए हैं:

  • पूर्व सूचना देना अनिवार्य: किसी भी हड़ताल से कम से कम 3 से 5 दिन पहले बैंकों को सार्वजनिक समाचार पत्रों, अपनी वेबसाइट और ग्राहकों को एसएमएस भेजकर हड़ताल की तिथियों की सूचना देना अनिवार्य है।
  • एटीएम विफलता पर मुआवजा: यदि हड़ताल के दिन किसी एटीएम से पैसे नहीं निकले लेकिन खाते से कट गए, तो बैंक को ट्रांजैक्शन की तारीख से T+5 दिनों के भीतर पैसा लौटाना होगा। यदि 5 दिन से ज्यादा की देरी होती है, तो बैंक को ग्राहक को प्रति दिन 100 रुपये का जुर्माना देना होगा।
  • आरबीआई लोकपाल (CMS): यदि हड़ताल के कारण बैंक की किसी तकनीकी लापरवाही से आपको कोई वित्तीय नुकसान होता है और बैंक शाखा सुनवाई नहीं करती, तो आप आरबीआई के ऑनलाइन लोकपाल पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर सीधे क्षतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं।

9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्र. 1: क्या सरकारी बैंक की हड़ताल के दिन HDFC, ICICI और Axis जैसे प्राइवेट बैंक भी बंद रहते हैं?

उत्तर: सामान्यतः नहीं। अधिकांश बैंक हड़तालें सरकारी बैंकों (PSB) के कर्मचारी यूनियनों (UFBU/AIBEA) द्वारा बुलाई जाती हैं। निजी क्षेत्र के शीर्ष बैंक जैसे एचडीएफसी (HDFC Bank), आईसीआईसीआई (ICICI Bank), एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रहती हैं। हालांकि, चेक क्लियरिंग सिस्टम पूरे बैंकिंग सेक्टर का एक साझा नेटवर्क होता है, इसलिए प्राइवेट बैंकों में भी चेक क्लियर होने में देरी हो सकती है।

प्र. 2: यदि बैंक हड़ताल के दिन मेरी लोन की ईएमआई की तारीख हो, तो क्या मुझे पेनल्टी लगेगी?

उत्तर: यदि आपके बचत खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और ईएमआई बाउंस हो जाती है, तो बिल्कुल पेनल्टी और बाउंस चार्ज लगेगा। लोन ईएमआई की कटौती स्वचालित डिजिटल सिस्टम (NACH) द्वारा होती है, जिसका बैंक हड़ताल से कोई संबंध नहीं है। इसलिए हड़ताल से पहले ही खाते में आवश्यक राशि बनाए रखें।

प्र. 3: क्या हड़ताल के दिन मैं नेट बैंकिंग से किसी दूसरे बैंक के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर सकता हूँ?

उत्तर: जी हाँ, बिल्कुल। रिज़र्व बैंक का आरटीजीएस (RTGS) सिस्टम 24 घंटे सातों दिन ऑनलाइन काम करता है। आप अपने नेट बैंकिंग पोर्टल में लॉगिन करके आरटीजीएस के माध्यम से 10 लाख या 50 लाख रुपये का फंड ट्रांसफर तुरंत कर सकते हैं; इसके लिए बैंक शाखा के खुले होने की जरूरत नहीं है।

प्र. 4: यदि मुझे किसी कॉलेज एडमिशन या टेंडर के लिए आज ही डिमांड ड्राफ्ट (DD) चाहिए और बैंक बंद है, तो क्या कोई रास्ता है?

उत्तर: फिजिकल डिमांड ड्राफ्ट पर बैंक मैनेजर के हस्ताक्षर और विशेष सुरक्षा सील लगती है, इसलिए शाखा बंद रहने पर डीडी नहीं बन सकता। ऐसे में आप संबंधित संस्थान से अनुरोध कर सकते हैं कि वे आरटीजीएस, एनईएफटी या नेट बैंकिंग के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में ऑनलाइन फीस स्वीकार करें, जो तुरंत की जा सकती है।

प्र. 5: हड़ताल के दिन यदि एटीएम में कैश खत्म हो जाए, तो पास में कैश पाने का सबसे तेज तरीका क्या है?

उत्तर: सबसे तेज तरीका है अपने नजदीकी ग्राहक सेवा केंद्र (CSP), डाकघर (India Post), या सीएससी सेंटर पर जाना। वहां आप अपना आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट लगाकर AePS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के जरिए अपने खाते से तुरंत 10,000 रुपये तक कैश ले सकते हैं। इसके अलावा बड़े पेट्रोल पंप पर जाकर डेबिट कार्ड से 2,000 रुपये तक 'Cash@POS' सुविधा से भी नकद लिया जा सकता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या सरकारी बैंक हड़ताल में HDFC और ICICI जैसे प्राइवेट बैंक भी बंद रहते हैं?

A. नहीं, प्राइवेट बैंकों की शाखाएं आमतौर पर खुली रहती हैं; केवल चेक क्लियरिंग में थोड़ी देरी हो सकती है।

Q. यदि हड़ताल के दिन EMI तारीख हो, तो क्या पेनल्टी लगेगी?

A. हाँ, यदि खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो ऑटो-डेबिट बाउंस होने पर बैंक पेनाल्टी और बाउंस चार्ज अवश्य लगाएगा।

Q. क्या हड़ताल के दिन नेट बैंकिंग से 10 लाख का बड़ा फंड ट्रांसफर संभव है?

A. हाँ, RBI का RTGS और NEFT सिस्टम 24x7 ऑनलाइन संचालित रहता है, नेट बैंकिंग से बड़ा ट्रांसफर बिना रुकावट हो जाता है।

Q. शाखा बंद रहने पर क्या डिमांड ड्राफ्ट (DD) बन सकता है?

A. नहीं, डीडी पर बैंक अधिकारी के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं; इसके स्थान पर ऑनलाइन NEFT/RTGS से भुगतान करना विकल्प है।

Q. एटीएम में कैश न होने पर तुरंत नकद कैसे निकालें?

A. नजदीकी सीएससी सेंटर या डाकघर में जाकर AePS (आधार फिंगरप्रिंट) से या पेट्रोल पंप पर डेबिट कार्ड से Cash@POS के जरिए तुरंत कैश ले सकते हैं।

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