documents ⏱️ 10 मिनट पढ़ें 📅 17 सितंबर 2026

DigiLocker Driving Licence & RC Validity: क्या ट्रैफिक पुलिस डिजिटल चालान काट सकती है? MoRTH व IT Act के कड़े नियम

AK
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और मोटर वाहन अधिनियम, नागरिक अधिकार चार्टर व आईटी कानून के विशेषज्ञ।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act 2000) की धारा 9A के तहत डिजीलॉकर (DigiLocker) और mParivahan मोबाइल ऐप में प्रस्तुत डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र (RC) भौतिक (हार्डकॉपी) दस्तावेज़ के समान 100% कानूनी रूप से मान्य हैं। केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 (CMVR Rule 139) के तहत कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी या आरटीओ अधिकारी डिजिटल दस्तावेज़ स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकता और न ही हार्डकॉपी न होने पर चालान काट सकता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • डिजीलॉकर व mParivahan का डिजिटल DL/RC मूल भौतिक दस्तावेज़ के पूर्णतः समकक्ष है।
  • IT Act की धारा 9A और मोटर वाहन नियम 139 के तहत ट्रैफिक पुलिस डिजिटल दस्तावेज़ मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
  • मोबाइल में खींचा गया साधारण फोटो (Gallery Photo) मान्य नहीं होता; केवल आधिकारिक ऐप से फेच किया गया डिजिटल दस्तावेज़ ही मान्य है।
  • यदि कोई पुलिसकर्मी डिजिटल दस्तावेज़ मानने से इनकार करता है, तो उसके विरुद्ध विभागीय शिकायत व मानवाधिकार अपील की जा सकती है।
मानक (Feature) DigiLocker / mParivahan फोन गैलरी फोटो / फोटोकॉपी
कानूनी वैधता (Legal Status) 100% मान्य (IT Act 9A & CMVR 139) 0% अमान्य (चालान काटा जा सकता है)
सत्यापन विधि डिजिटल क्यूआर कोड स्कैनिंग (Real-time Parivahan API) कोई सत्यापन तंत्र नहीं
जब्ती की स्थिति (Impound) e-Challan ऐप के जरिए डिजिटल जब्ती (Electronic Seizure) लागू नहीं
इंटरनेट की आवश्यकता एक बार डाउनलोड होने के बाद ऑफलाइन भी उपलब्ध लागू नहीं

1. DigiLocker DL & RC: कानूनी मान्यता और MoRTH का आधिकारिक आदेश

डिजिटल इंडिया मिशन के तहत भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) और परिवहन आयुक्तों को स्पष्ट परिपत्र (Notification No. RT-11036/64/2017-MVL) जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, नागरिकों द्वारा डिजीलॉकर (DigiLocker) अथवा mParivahan ऐप के माध्यम से प्रस्तुत किए गए ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) को पूरी तरह वैध माना जाना अनिवार्य है।

अब किसी भी वाहन चालक को भारी पर्स में प्लास्टिक का ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी कार्ड या प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) लेकर चलने की कोई मजबूरी नहीं है। स्मार्टफोन में सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ हर कानूनी चेकिंग के लिए पर्याप्त हैं।

DigiLocker Driving Licence RC Validity Rules
चित्र: डिजीलॉकर एवं एम-परिवहन ऐप पर डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी की कानूनी वैधता और नियम।

2. आईटी एक्ट धारा 9A और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 क्या है?

डिजिटल दस्तावेज़ों को वैधानिक शक्ति प्रदान करने वाले दो मुख्य कानून हैं:

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act 2000) की धारा 9A: यह धारा स्पष्ट करती है कि यदि किसी कानून के तहत कोई दस्तावेज़ भौतिक रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक है, तो इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में सुरक्षित प्रमाण पत्र भी उसी तरह कानूनी रूप से बाध्यकारी माना जाएगा।
  • केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) का नियम 139: केंद्र सरकार द्वारा संशोधित इस नियम में कहा गया है कि वाहन चालक अपने ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, बीमा और फिटनेस प्रमाण पत्र को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में प्रस्तुत कर सकता है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने मोबाइल या हैंडहेल्ड टर्मिनल से क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे सारथी (Sarathi) और वाहन (Vahan) डेटाबेस से सत्यापन करेंगे।

3. ऐप में डिजिटल दस्तावेज़ बनाम फोन की गैलरी फोटो का बड़ा अंतर

अधिकांश वाहन चालकों का चालान इस कारण कट जाता है क्योंकि वे अपने स्मार्टफोन की फोटो गैलरी में रखे लाइसेंस के फोटो या व्हाट्सएप पर आए पीडीएफ को दिखाते हैं:

⚠️ सावधान: गैलरी की फोटो कानूनी रूप से अमान्य है!

मोबाइल गैलरी में सेव की गई फोटो, फोटोकॉपी या साधारण पीडीएफ को कानूनन 'इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड' नहीं माना जाता, क्योंकि उसमें छेड़छाड़ (Photoshop Edit) की जा सकती है। केवल वही दस्तावेज़ मान्य हैं जो DigiLocker ऐप अथवा mParivahan ऐप में सीधे सरकारी डेटाबेस से लिंक (Issued Documents) किए गए हों और जिन पर डिजिटल क्यूआर कोड और डिजिटल हस्ताक्षर अंकित हों।

4. यदि ट्रैफिक पुलिस डिजिटल दस्तावेज़ न माने तो क्या करें? (अधिकार व शिकायत)

यदि कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी या होमगार्ड डिजीलॉकर में दिखाया गया ड्राइविंग लाइसेंस मानने से इनकार करता है और अवैध रूप से चालान काटने की धमकी देता है, तो अपने अधिकारों का उपयोग इस प्रकार करें:

  1. पुलिसकर्मी को विनम्रतापूर्वक MoRTH के परिपत्र दिनांक 17 दिसंबर 2018 और CMVR नियम 139 का हवाला दें।
  2. डिजीलॉकर ऐप में दस्तावेज़ के नीचे दिए गए 'Verify QR Code' पर क्लिक करवाएं ताकि वह अपने e-Challan ऐप से उसे स्कैन कर सके।
  3. यदि फिर भी अधिकारी हठधर्मिता दिखाए, तो मौके पर मौजूद ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (TSI) या ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) से बात करने की मांग करें।
  4. यदि चालान काट दिया जाता है, तो चालान की कॉपी पर लिखें "DigiLocker DL presented but refused by officer" और हस्ताक्षर करें। इसके बाद राज्य के पुलिस ट्रैफिक हेल्पलाइन अथवा ट्विटर/एक्स (X) हैंडल पर चालान संख्या के साथ शिकायत दर्ज कराएं; कोर्ट जाने पर ऐसा चालान स्वतः निरस्त (Cancel) हो जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या डिजीलॉकर में आरसी और लाइसेंस दिखाने पर पुलिस चालान काट सकती है?

A. नहीं, केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 और आईटी एक्ट 9A के तहत डिजीलॉकर में जारी दस्तावेज़ 100% कानूनी रूप से मान्य हैं। हार्डकॉपी न होने पर चालान काटना गैर-कानूनी है।

Q. यदि फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाए तो क्या चालान कट जाएगा?

A. यदि मौके पर आप डिजिटल दस्तावेज़ नहीं दिखा पाते हैं, तो पुलिस चालान काट सकती है। हालांकि, आप 15 दिनों के भीतर आरटीओ कार्यालय में वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत करके चालान शुल्क को नाममात्र ₹100 करवा सकते हैं।

Q. यदि लाइसेंस जब्त (Impound) करना हो, तो डिजिटल कैसे होगा?

A. ट्रैफिक पुलिस के पास उपलब्ध e-Challan मशीन सीधे राष्ट्रीय सारथी पोर्टल से जुड़ी होती है। वे आपके लाइसेंस को पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से सस्पेंड/इम्पाउंड कर देते हैं, भौतिक कार्ड छीनने की आवश्यकता नहीं होती।

Q. क्या प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) भी डिजीलॉकर में मान्य है?

A. हां, अब प्रदूषण जांच केंद्र (PUC Center) से सीधे वाहन डेटाबेस में ऑनलाइन एंट्री होती है, जिसे mParivahan और DigiLocker से डाउनलोड करके दिखाया जा सकता है।

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