yojana ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

Pradhan Mantri Awas Yojana 2.0 (PMAY-G / PMAY-U): नए 3 करोड़ पक्के मकानों हेतु ऑनलाइन आवेदन, पात्रता सूची व ₹2.5 लाख सब्सिडी

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ लोक नीति एवं कल्याणकारी योजना विशेषज्ञ

अर्थशास्त्र एवं लोक प्रशासन में शोधकर्ता। केंद्र और राज्य सरकारों की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास और किसान कल्याणकारी योजनाओं (PM-KISAN, DBT, आयुष्मान, लाडली बहना) के जमीनी क्रियान्वयन व पात्रता मानकों पर 7+ वर्षों का शोध अनुभव।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0) भारत सरकार की प्रमुख आवास कल्याण योजना है जिसके तहत देश के बेघर, कच्चे व जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले 3 करोड़ नए पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों (PMAY-G) में मैदानी इलाकों हेतु ₹1,20,000 तथा पहाड़ी/दुर्गम इलाकों हेतु ₹1,30,000 की शत-प्रतिशत सीधी अनुदान सहायता, 90 दिनों की मनरेगा मजदूरी (~₹25,000) तथा स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000 शौचालय प्रोत्साहन दिया जाता है। शहरी क्षेत्रों (PMAY-U 2.0) में EWS/LIG परिवारों को होम लोन पर ₹2,50,000 तक की ब्याज सब्सिडी (CLSS) मिलती है। ग्रामीण लाभार्थी pmayg.nic.in और शहरी नागरिक pmaymis.gov.in पर स्टेटस देख सकते हैं।

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योजना पैरामीटरPMAY ग्रामीण (PMAY-G)PMAY शहरी 2.0 (PMAY-U)
नोडल मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकारआवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
लक्ष्य (2024-2029)2 करोड़ नए पक्के ग्रामीण आवास1 करोड़ नए पक्के शहरी आवास
वित्तीय सहायतामैदानी: ₹1.20 लाख | पहाड़ी/पूर्वोत्तर: ₹1.30 लाख₹2.50 लाख तक (ब्याज सब्सिडी व प्रत्यक्ष अनुदान)
अतिरिक्त लाभ90-95 दिन मनरेगा मजदूरी + ₹12,000 शौचालय सहायताउज्ज्वला गैस, बिजली व जल जीवन मिशन कनेक्शन
मालिकाना हकपरिवार की महिला मुखिया के नाम या संयुक्त नाम पर अनिवार्यमहिला मुखिया के नाम या संयुक्त नाम पर अनिवार्य
सत्यापन तकनीकAwaasApp द्वारा जियो-टैगिंग (Geo-tagging) आधारित 3 किस्तों मेंजियो-टैगिंग एवं बैंक लोन डिस्बर्सल आधारित
आधिकारिक पोर्टलpmayg.nic.inpmaymis.gov.in

1. पीएम आवास योजना 2.0 का ऐतिहासिक विस्तार एवं बजट आवंटन

Pradhan Mantri Awas Yojana 2.0 (PMAY-G / PMAY-U): नए 3 करोड़ पक्के मकानों हेतु ऑनलाइन आवेदन, पात्रता सूची व ₹2.5 लाख सब्सिडी

चित्र: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) के तहत पक्के मकानों का निर्माण एवं सरकारी सब्सिडी।

चित्र: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत बेघर व कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के घर निर्माण हेतु वित्तीय सहायता मिलती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले ही मंत्रिमंडल निर्णय में देश के गरीब और बेघर नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0) को मंजूरी दी गई। इसके तहत अगले पांच वर्षों (2024-2029) में 3 करोड़ नए पक्के मकानों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 2 करोड़ मकान ग्रामीण क्षेत्रों (PMAY-G) में और 1 करोड़ मकान शहरी क्षेत्रों (PMAY-U) में बनाए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य केवल चार दीवारें खड़ी करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक गरीब परिवार को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बुनियादी सुविधाओं से युक्त जीवन प्रदान करना है। प्रत्येक पक्के मकान में स्वच्छ शौचालय, एलपीजी गैस कनेक्शन (उज्ज्वला योजना), बिजली कनेक्शन (सौभाग्य) और नल से जल (जल जीवन मिशन) का अनिवार्य संयोजन (Convergence) किया गया है।

2. PMAY ग्रामीण (PMAY-G) की संपूर्ण वित्तीय संरचना

ग्रामीण क्षेत्रों में पक्का मकान बनाने के लिए लाभार्थियों को मिलने वाली कुल आर्थिक सहायता को कई घटकों में विभाजित किया गया है:

सहायता घटकमैदानी क्षेत्र (Plains)पहाड़ी / दुर्गम / पूर्वोत्तर क्षेत्रभुगतान का माध्यम
सीधा आवास अनुदान₹1,20,000₹1,30,000DBT द्वारा बैंक खाते में 3 किस्तों में
मनरेगा अकुशल मजदूरी₹24,000 - ₹28,000 (90 दिन)₹25,000 - ₹30,000 (95 दिन)मनरेगा जॉब कार्ड खाते में सीधे मजदूरी
शौचालय निर्माण प्रोत्साहन₹12,000₹12,000स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा
कुल प्रभावी वित्तीय लाभ~₹1,56,000 - ₹1,60,000~₹1,67,000 - ₹1,72,000शत-प्रतिशत अनुदान (कोई वापसी नहीं)

3. PMAY शहरी 2.0 (PMAY-U): ब्याज सब्सिडी और अनुदान के नए नियम

शहरी क्षेत्रों के निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए PMAY-U 2.0 को चार अलग-अलग कार्यक्षेत्रों (Verticals) में लागू किया गया है:

  • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS - ब्याज सब्सिडी): EWS (वार्षिक आय ₹3 लाख तक) और LIG (वार्षिक आय ₹6 लाख तक) परिवारों को ₹25 लाख तक के मकान पर ₹8 लाख तक के होम लोन पर 4% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जो कुल मिलाकर अधिकतम ₹2,50,000 तक की अग्रिम ब्याज राहत प्रदान करती है।
  • लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): जिन परिवारों के पास अपना प्लॉट है लेकिन पक्का मकान बनाने के पैसे नहीं हैं, उन्हें केंद्र व राज्य सरकार द्वारा सीधे ₹2.5 लाख का अनुदान दिया जाता है।
  • साझेदारी में किफायती आवास (AHP): निजी या सरकारी विकास प्राधिकरणों द्वारा बनाए जाने वाले फ्लैट्स पर गरीब परिवारों को सब्सिडी देकर सस्ते दाम पर मकान उपलब्ध कराना।
  • किफायती किराये के आवास परिसर (ARHC): शहरी प्रवासियों और औद्योगिक मजदूरों के लिए नाममात्र किराये पर डॉरमेट्री और फ्लैट्स।

4. पात्रता मानदंड एवं 13-बिंदु अपात्रता नियम (Exclusion Criteria)

यह सुनिश्चित करने के लिए कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे, सरकार ने 13-बिंदु ऑटोमैटिक अपात्रता नियम तय किए हैं:

पात्रता वर्ग (Eligible)स्वतः अपात्र वर्ग (Excluded / Ineligible)
कच्चे कमरे, टीन शेड या छप्पर वाले मकान में रहने वाले परिवार।जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का मकान है।
भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक।परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र/राज्य सरकार में नियमित कर्मचारी हो।
विधवा, निराश्रित महिलाएं, दिव्यांग मुखिया वाले परिवार।परिवार में किसी सदस्य के पास 3 या 4 पहिया वाहन (कार, ट्रैक्टर आदि) हो।
SECC 2011 या आवास प्लस 2018/2024 सर्वे में चिन्हित परिवार।परिवार का कोई भी सदस्य ₹15,000 प्रति माह से अधिक कमाता हो या आयकर देता हो।
शहरी क्षेत्र में EWS/LIG वर्ग के बेघर परिवार।परिवार के पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 5 एकड़ असिंचित भूमि हो।

5. आवश्यक दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट

पीएम आवास योजना के सत्यापन हेतु निम्नलिखित मूल अभिलेख अनिवार्य हैं:

  • आधार कार्ड: परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के आधार कार्ड।
  • जमीन का साक्ष्य / पट्टा: जिस स्थान पर मकान बनना है उस जमीन का राजस्व पट्टा, खतौनी या शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री/एनओसी।
  • बैंक पासबुक: आधार से लिंक बैंक खाता (डीबीटी सक्षम), जिसमें सहायता राशि भेजी जाएगी।
  • मनरेगा जॉब कार्ड (ग्रामीण हेतु): मनरेगा मजदूरी के 90 दिनों के भुगतान के लिए जॉब कार्ड नंबर।
  • मौजूदा कच्चे मकान की तस्वीर: आवेदक के साथ कच्चे मकान के सामने खड़े होकर खींची गई फोटो।
  • आय प्रमाण पत्र व शपथ पत्र: अपात्रता की शर्तों में न आने का स्व-घोषणा पत्र।

6. आवास प्लस 2026 नई लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें (Step-by-Step)

ग्रामीण नागरिक अपने गांव की आवास प्लस सूची घर बैठे ऑनलाइन इस प्रकार देख सकते हैं:

  1. ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल pmayg.nic.in पर जाएं।
  2. मेनू बार में 'Awaassoft' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से 'Reports' विकल्प चुनें।
  3. रिपोर्ट्स पेज पर नीचे स्क्रॉल करें और सेक्शन 'H. Social Audit Reports' में जाएं।
  4. वहां 'Beneficiary details for verification' लिंक पर क्लिक करें।
  5. अब फिल्टर में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक (तहसील) और अपनी ग्राम पंचायत का चयन करें।
  6. वर्ष में नवीनतम वित्तीय वर्ष चुनें और योजना में 'Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin' चुनें।
  7. कैप्चा कोड भरकर 'Submit' पर क्लिक करें। आपकी ग्राम पंचायत के सभी स्वीकृत, लंबित और प्रतीक्षारत लाभार्थियों की पूरी सूची उनके पिता का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, आवंटित राशि और किस्त स्थिति के साथ स्क्रीन पर आ जाएगी। आप इसे एक्सेल या पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।

7. AwaasApp द्वारा जियो-टैगिंग और किस्तों का वितरण

भ्रष्टाचार और फर्जी भुगतान को शून्य करने के लिए आवास योजना में 'AwaasApp' के माध्यम से उपग्रह-आधारित जियो-टैगिंग (Geotagging) अनिवार्य की गई है। पैसा तीन चरणों में जारी होता है:

  1. प्रथम किस्त (~₹40,000): निर्माण शुरू करने हेतु। ग्राम रोजगार सेवक मौके पर जाकर खाली जमीन और पुराने कच्चे मकान की अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) युक्त फोटो अपलोड करता है।
  2. द्वितीय किस्त (~₹70,000): जब मकान की दीवारें खिड़की और लिंटेल स्तर (Plinth Level) तक बन जाती हैं, तब अधिकारी दोबारा निरीक्षण कर प्रगति की जियो-टैग फोटो ऐप पर डालता है। इसके बाद ही दूसरी किस्त जारी होती है।
  3. तृतीय किस्त (~₹10,000 - ₹20,000): जब मकान की छत पड़ जाती है, दरवाजे-खिड़कियां लग जाते हैं और शौचालय पूर्ण हो जाता है, तब अंतिम सत्यापन कर अंतिम किस्त जारी की जाती है।

8. PMAY-U 2.0 शहरी आवास हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

शहरी क्षेत्रों के बेघर नागरिक आधिकारिक पोर्टल pmaymis.gov.in पर स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

  • पोर्टल पर 'Citizen Assessment' मेनू में जाएं और 'Apply Online' चुनें।
  • अपना 12 अंकों का आधार नंबर और नाम दर्ज कर आधार सत्यापन करें।
  • फॉर्म में अपने नगर निगम / नगर पालिका का नाम, वर्तमान पता, परिवार के सदस्यों का विवरण, धर्म, जाति और बैंक खाता भरें।
  • यदि होम लोन पर सब्सिडी चाहिए तो बैंक का नाम और ऋण विवरण दर्ज करें।
  • फॉर्म सबमिट करने पर एक Application Reference ID प्राप्त होगी। नगर पालिका की सर्वे टीम आपके पते का भौतिक सत्यापन करेगी और पात्रता सही पाए जाने पर आपका नाम PMAY-U सूची में जोड़ दिया जाएगा।

9. महिला सशक्तिकरण: महिला मुखिया का अनिवार्य मालिकाना हक

प्रधानमंत्री आवास योजना की सबसे क्रांतिकारी सामाजिक शर्त यह है कि निर्मित पक्के मकान का कानूनी मालिकाना हक (Ownership) परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम (Joint Ownership) पर होना अनिवार्य है। केवल उन्हीं असाधारण मामलों में मकान पुरुष के एकल नाम पर हो सकता है जहां परिवार में कोई बालिग महिला सदस्य न हो। इस नियम ने देश के करोड़ों ग्रामीण और शहरी महिलाओं को संपत्ति का वैधानिक अधिकार देकर आत्मनिर्भर बनाया है।

10. शिकायत निवारण एवं बिचौलियों से बचाव के निर्देश

सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पीएम आवास योजना में चयन पूर्णतः निशुल्क और स्वचालित सर्वेक्षण पर आधारित है:

  • किसी भी दलाल, ग्राम प्रधान या कर्मचारी को आवास आवंटन के नाम पर एक भी रुपया रिश्वत न दें।
  • यदि कोई अधिकारी आवास की किस्त जारी करने के लिए कमीशन या रिश्वत मांगता है, तो तुरंत राज्य के सतर्कता हेल्पलाइन नंबर या सीएम हेल्पलाइन (1076) पर कॉल करें।
  • केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय हेल्पलाइन: 1800-11-6446 / ईमेल: support-pmayg@gov.in
  • केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय हेल्पलाइन: 011-23063285 / 011-23060484

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. पीएम आवास योजना ग्रामीण में पक्का मकान बनाने के लिए कुल कितनी सरकारी सहायता मिलती है?

A. ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी इलाकों में ₹1,20,000 और पहाड़ी/दुर्गम इलाकों में ₹1,30,000 की सीधी आवास सहायता मिलती है। इसके अलावा 90-95 दिनों की मनरेगा मजदूरी (~₹25,000) और स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000 शौचालय प्रोत्साहन मिलता है। यानी कुल मिलाकर लाभार्थी को लगभग ₹1,56,000 से ₹1,68,000 का शत-प्रतिशत मुफ्त सरकारी लाभ मिलता है।

Q. यदि किसी परिवार के पास पहले से पक्का मकान है तो क्या वे आवास योजना का लाभ ले सकते हैं?

A. नहीं, पीएम आवास योजना के सख्त नियमों के अनुसार यदि आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान है, तो वे पूरी तरह अपात्र हैं। गलत जानकारी देकर लाभ लेने पर सरकारी एफआईआर और वसूली की कानूनी कार्रवाई की जाती है।

Q. आवास प्लस नई सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?

A. ग्रामीण नागरिक pmayg.nic.in पर जाकर Awaassoft > Reports > Social Audit Reports > Beneficiary details for verification में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर अपनी पूरी ग्राम पंचायत की आवास सूची में अपना व पिता का नाम देख सकते हैं।

Q. आवास योजना का पैसा कितने किस्तों में और कैसे मिलता है?

A. आवास का पैसा 3 किस्तों में सीधे डीबीटी द्वारा लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। पहली किस्त नींव डालने पर, दूसरी किस्त लिंटेल/दीवारें बनने पर और तीसरी किस्त छत व रंगाई-पुताई पूरी होने पर मिलती है। प्रत्येक किस्त से पहले सरकारी कर्मचारी द्वारा AwaasApp से मौके पर जियो-टैगिंग फोटो ली जाती है।

Q. क्या आवास योजना में घर का मालिकाना हक पुरुष के नाम हो सकता है?

A. योजना के वैधानिक नियमों के अनुसार मकान का मालिकाना हक परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होना अनिवार्य है। केवल उन्हीं असाधारण परिवारों में जहां कोई बालिग महिला सदस्य नहीं है, पुरुष के एकल नाम पर मकान स्वीकृत होता है।

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